खुशी और खमोशी

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खुशी और खामोशी

ये उम्र का असर है
या फिर उम्र के साथ बढ़ती समझदारी का….
चेहरे पर छाई खुशियां रौनक ला रही है
या असर है ये लबोंपे बिखरी खामोशियोंका !

©®: नीलिमा देशपांडे

Article Categories:
कविता

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