तन्हाई

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  • 6 दिवस ago

तन्हाई से नाता कुछ इस तरह हैं, की अब किसीके बंदगी से दिल में खनक नही होती.
जुदाई की आह दिल की नसोमे कुछ इस कदर सामिल हैं, की किसकी दिवानगी अब हम में सामिल नही होती.
मोहब्बत की कहाणी अब सिर्फ कहाणी ही हैं जनाब, क्यूँकी हकीकत मैं दिलो मैं नफरत के अलावा किसकी अगवाणी नही होती.

© आरती पाटील

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प्रेम

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